🎵माँ गौरा माता है मेरी पिता है भोलेनाथ जी🎵
🙏 गायक: केशव मधुकर
🎼 संगीत: इंद्रनील रॉय
विवरण:
भजन माँ गौरा माता है मेरी में केशव माधुकरी ने भगवान शिव और माँ पार्वती की कृपा और आशीर्वाद को व्यक्त किया है। इस भजन में भक्त अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ यह मानते हैं कि उनकी जिंदगी में भगवान शंकर और गौरा माता का आशीर्वाद सदा बना रहता है। हालांकि भक्त पूजा या तप में अनजान होते हैं, फिर भी उनका हृदय शिव-पार्वती की संतान होने पर गर्वित रहता है। इस भजन में शिव-पार्वती की महिमा और आशीर्वाद के साथ जीवन को सही दिशा में ले जाने की प्रार्थना की जाती है।
गीत के बोल:
माँ गौरा माता है मेरी,
पिता है भोलेनाथ जी,
मेरे सर पे सदा ही रहता,
आप दोनों का हाथ जी।।
ना पूजा ना जप तप जानू,
भक्ति से अनजान हूँ मैं,
लाख बुराई है मुझमे पर,
आप की ही संतान हूँ मैं,
उमापति तुम जगत पिता हो,
मैं तो नाथ अनाथ जी,
मेरे सर पे सदा ही रहता,
आप दोनों का हाथ जी।।
बड़े भाग्य से ही हमको तो,
ये सच्चा दरबार मिला,
भोले बाबा की किरपा,
और माँ गौरा का प्यार मिला,
ये तो किरपा आपकी है,
मेरी क्या औकात जी,
मेरे सर पे सदा ही रहता,
आप दोनों का हाथ जी।।
जिस रस्ते पे ले जाओ तुम,
उस रस्ते पे चलना है,
‘उर्मिल’ तो हमे शिव शम्भु के,
चरणों में ही रहना है,
दर तेरा मैं छोडूं ना,
चाहे कैसे हो हालात जी,
मेरे सर पे सदा ही रहता,
आप दोनों का हाथ जी।।
माँ गौरा माता है मेरी,
पिता है भोलेनाथ जी,
मेरे सर पे सदा ही रहता,
आप दोनों का हाथ जी।।
कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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