🎵उज्जैन के महाराज🎵
🙏 गायक: कुलदीप सोनी
🎼 संगीत: श्री दर्शन प्रोडक्शन
विवरण:
कुलदीप सोनी द्वारा गाया भजन उज्जैन के महाराज भगवान महाकाल की महिमा और उनके प्रति अनंत श्रद्धा को दर्शाता है। इस भजन में, महाकाल के दरबार में भक्तों का झूमते हुए जयकारा, भंग के रसिया और शिव की भक्ति में रंगे भक्तों का दृश्य प्रस्तुत किया गया है। महाकाल के मंदिर में बजते ढोल, नगाड़े, डमरू और शंख के साथ, यह भजन भक्तों के दिलों में आस्था और प्रेम की गूंज को समर्पित है।
गीत के बोल:
उज्जैन के महाराज हो,
दीनो के दीनानाथ हो,
तुम कालों के काल हो,
बाबा महाकाल हो।।
दरबार में भोले के देखो,
झूम झुम जयकार लगे,
झूम झुम जयकार लगे,
भंग के रसिया भक्तो के संग,
झूम झूम इतराने लगे,
झूम झूम इतराने लगे,
हर हर का जब साथ हो,
बम बम का जयकार हो,
तुम कालों के काल हो,
बाबा महाकाल हो।।
मंदिर में महाकाल सजे,
और ढोल नगाड़ा डमरू बजे,
ढोल नगाड़ा डमरू बजे,
झांझ मजीरे शंख मृदंग,
ताशे संग घड़ियाल बजे,
ताशे संग घड़ियाल बजे,
तन पे भस्म भभूत हो,
संग में भंग का रंग हो,
तुम कालों के काल हो,
बाबा महाकाल हो।।
मेरे मन में है महाकाल,
मोह न माया और कोई जाल,
मोह न माया और कोई जाल,
जो कोई पूछे मेरा हाल,
मेरे मुख पर जय महाकाल,
मेरे मुख पर जय महाकाल,
बाबा मुझको तार दो,
सुन लो मेरी पुकार को,
तुम कालों के काल हो,
बाबा महाकाल हो।।
उज्जैन के महाराज हो,
दीनो के दीनानाथ हो,
तुम कालों के काल हो,
बाबा महाकाल हो।।
कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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