जबसे तूने थामा हैं
बाबा मेरा हाथ
दुनिया अब दिखती नहीं
सब दीखते भोलेनाथ
मुझको तुझपे सबसे ज्यादा
ऐतबार हो गया
भोलेनाथ पता नहीं
तुझसे प्यार कब कब हो गया
भोलेनाथ पता नहीं
तुझसे प्यार कब कब हो गया
आपकी तारीफ में
कोई शब्द मेरे पास नहीं
आपके शिवा दुनिया में
अब कोई मेरा ख़ास नहीं
तेरे चरणों में रे बाबा
सबेरे से दिन ढल गया
तेरी भक्ति में हैं सारा
मोह मेरा सो गया
भोलेनाथ पता नहीं
तुझसे प्यार कब कब हो गया
भोलेनाथ पता नहीं
तुझसे प्यार कब कब हो गया
ओझल करके तू मुझे
भोले यूं बाहो में लपेट ले
करुणा की वो हर महिमा दे मुझको
खुद में मुझको समेट ले
तुझसे ना बड़ा कोई ज्ञानी हैं
ना मुझसे बड़ा कोई अज्ञानी हैं
ज्ञान की मुझको रौशनी दे
इतनी सी दृस्टि तू सौप दे
तेरी बदौलत बेशुरा सुर
राग में हैं ढल गया
तेरे ही प्रेम और भक्ति में
मेरे नामो निशान हो गया
भोलेनाथ पता नहीं
तुझसे प्यार कब कब हो गया
भोलेनाथ पता नहीं
तुझसे प्यार कब कब हो गया
कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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