🎵जो शिव नाम होठों पर चढ़ गयो रे🎵
🙏 गायक: सौरभ-मधुकर
🎼 गीत: पारंपरिक
विवरण:
सौरभ-मधुकर द्वारा प्रस्तुत जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे एक अद्भुत शिव भजन है जो शिव भक्ति की महिमा का वर्णन करता है। यह भजन हमें जीवन के संवरने का संदेश देता है जब हम शिव को अपने मन और कर्म में स्थान देते हैं। शिव के डमरू की ध्वनि और उनकी कृपा से जीवन की उलझनों का समाधान मिलता है। भोलेनाथ का नाम और उनका साथ, पाप से मुक्ति और मोक्ष की ओर ले जाता है।
आइए, इस भजन को सुनकर शिव की भक्ति में डूब जाएं और जीवन को दिव्यता से भर दें।
जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे आपका हृदय छू लेगा।
गीत के बोल:
जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे,
तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥
मन में बसा ले तू शिव का शिवाला,
साथ चलेगा तेरे डमरू वाला,
जो मन शिव की भक्ति में रम गयो रे,
तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥
जग की ये माया बड़ी उलझाए,
पाप कर्म भक्ति के आड़े आवे,
जो शिवजी ने हाथ सिर पे धर दियो रे,
तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥
बम बम बासुकी का नाम बड़ा प्यारा,
नाम ने लाखो को पार उतारा,
जो भोलेनाथ ने हाथ पकड़ लियो रे,
तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥
जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे,
तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥
कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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