🎵बांके बिहारी🎵
🙏 गायक: जगजीत सिंह
🎼 गीत: रविंदर पठानिया
विवरण:
बांके बिहारी कृष्ण मुरारी भजन में जगजीत सिंह ने भगवान श्री कृष्ण के अद्वितीय रूप और उनके रासलीला का गान किया है। भजन में कृष्ण के हर रूप को ध्यान में रखते हुए, उनके भक्तों के लिए उनकी शरण में जाने और उनके दर्शन की प्रार्थना की जाती है। कृष्ण का नटवर नागर रूप, रास रचाना, बंसी बजाना और उनकी लीला में खो जाने का वर्णन किया गया है। यह भजन भक्तों को भगवान श्री कृष्ण के प्रति अडिग भक्ति और प्रेम की ओर प्रेरित करता है, साथ ही कृष्ण की अनंत कृपा और उनके दिव्य गुणों का अनुभव करने के लिए समर्पण की भावना को जगाता है।
गीत के बोल:
बांके बिहारी कृष्ण मुरारी मेरे बारी कहाँ छुपे,
दर्शन दीजो शरण में लीजो,
हम बलहारी कहाँ छुपे।
॥ बांके बिहारी कृष्ण मुरारी..॥
आँख मचोली हमें ना भये,
जग माया के जाल बिछाये,
रास रचा कर बंसी बजा कर,
धेनु चारा कर प्रीत जगा कर,
नटवर नागर निष्ठुर छलिया,
लीला न्यारी कहाँ छुपे।
॥ बांके बिहारी कृष्ण मुरारी..॥
सर्व व्यापक तुम अविनाशी,
जल थल गगन रवि घट बासी,
योग सुना कर रथ को चला कर,
कहाँ खो गए हमको लुभा कर,
गोविन्द गोविन्द मीरा गायी,
गणिका तारी कहाँ छुपे।
॥ बांके बिहारी कृष्ण मुरारी..॥
बांके बिहारी कृष्ण मुरारी मेरे बारी कहाँ छुपे,
दर्शन दीजो शरण में लीजो,
हम बलहारी कहाँ छुपे।
जय जय राधे श्री राधे, श्री राधे राधे,
जय कृष्णा जय कृष्णा कृष्णा।
कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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