🎵शिवोहम🎵
🙏 गायक: कैलाश खेर
🎼 गीत: कैलाश खेर
विवरण:
शिवोहम एक अद्भुत भक्ति गीत है जो आत्मा और परमात्मा के एक होने की भावना को व्यक्त करता है। गाने में भगवान शिव के निराकार रूप की पूजा की जाती है, और आत्मा के जागरण और आत्मसाक्षात्कार की बात की जाती है। यह गीत हमें ध्यान और साधना के माध्यम से आत्मा की सच्चाई को समझने और शिव की दिव्य उपस्थिति का अनुभव करने की प्रेरणा देता है।
गाने के बोल में हर स्थिति में शिव की उपस्थिति और शक्ति का वर्णन किया गया है, जैसे भूख, तपस्या, साधना, और ध्यान में। यह गीत उन सभी भक्तों के लिए है जो आत्मा के गहरे सत्य को जानना और शिव की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं।
गीत के बोल:
आत्मा ने परमात्मा को लिया
देख ध्यान की दृष्टि से ।
प्रकाश हुआ हृदय-हृदय,
बेड़ा पार हुआ इस सृष्टि से ।
है एक ओंकार निरंजन निरंकार,
है अजर अमर आकर
विश्वधार मन भजे ।
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
भूख में तपसी तप रहा,
भोजन बीच पठाय ।
विलप में साधु हंस रहा,
अपना ही उपजा खाय ।
शेष अशेष विशेष में
समर्पण के भाव में ।
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
ठहर शांत एकांत में,
साधके मूलाधार ।
सर्जन स्वाधिष्ठान से,
सूर्य मणि चमकार ।
विशुद्धि आज्ञा सहसरार
तक गूंजे अनाहत ।
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
खाली को तो भर दिया,
भरे में भरा न जाए ।
पानी में प्यासा रहा,
तट पे बैठ लखाय ।
प्रष्न व्यस्न में उलझ-उलझ
हां बिरथा गया जन्म ।
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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