शंकर चौरा रे,
महामाई कर रही सोल्हा रे,
श्रृंगार माई कर रही सोल्हा रे ।।
माथे उनके बिंदिया सोहे,
टिलकी की बलिहारी राम ।
मांग में सिंधुर लगा रही रे,
श्रृंगार माई कर रही सोल्हा रे ।।
कान में उनके कुण्डल सोहे,
नथुनी की बलिहारी राम ।
गले में हरवा पहन रही रे,
श्रृंगार माई कर रही सोल्हा रे ।।
हाथो उनके कंगना सोहे,
चूड़ी की बलहारी राम ।
हाथ में मुंदरी पहन रही रे,
श्रृंगार माई कर रही सोल्हा रे ।।
कमर उनके गरदन सोहे,
झूलो की बलिहारी राम ।
कमर में कुछ न पहन रही रे,
शृंगार माई कर रही सोल्हा रे ।।
पाओ में उनके पायल सोहे,
विछियां की बलिहारी राम ।
पाओ में महावर लगा रही रे,
श्रृंगार माई कर रही सोल्हा रे ।।
अंग में उनके चोला सोहे,
गगरा के बलिहारी राम ।
चुनरी ओड रही रे,
श्रृंगार माई कर रही सोल्हा रे ।।
कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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