आरती युगलकिशोर की कीजै ।
तन मन धन न्योछावर कीजै ॥
गौरश्याम मुख निरखन लीजै ।
हरि का रूप नयन भरि पीजै ॥
रवि शशि कोटि बदन की शोभा ।
ताहि निरखि मेरो मन लोभा ॥
कृष्ण जी का प्यारा भजन: बांके बिहारी से प्यार है
ओढ़े नील पीत पट सारी ।
कुंजबिहारी गिरिवरधारी ॥
फूलन सेज फूल की माला ।
रत्न सिंहासन बैठे नंदलाला ॥
कंचन थार कपूर की बाती ।
हरि आए निर्मल भई छाती ॥
श्री पुरुषोत्तम गिरिवरधारी ।
आरती करें सकल नर नारी ॥
बिहारी जी का मधुर भजन: वृन्दावन के ओ बांके बिहारी
नंदनंदन बृजभान किशोरी ।
परमानंद स्वामी अविचल जोरी ॥
Aarti Yugalkishor Ki Kijiye।
Tan Man Dhan Nayochawar Kijiye॥
Gorshyam Mukh Nirkhan Lijiye।
Hari Ka Rup Nayan Bhari Pijiye॥
Ravi Shashi Koti Badan Ki Shobha।
Tahi Nirkhi Mero Mann Lobha॥
Lovely hymn of Krishna ji: Banke Bihari Se Pyar Hai
Odhe Neel Peet Pat Sari।
Kunjbihari Girivardhari॥
Fulan Sej Phul Ki Mala।
Ratan Singhasan Baatai Nandlal॥
Kanchan Thar Kapoor Ki Baati।
Hari Aae Nirmal Bhai Chati॥
Sri Purushotam Girivardhari।
Aarti Kare Sakal Nar Nari॥
Sweet hymn of Bihari ji: Vrindavan Ke O Banke Bihari
Nandnandan Brijbhan Kishori।
Parmanand Sawami Avichal Jori॥
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कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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