loader
blog_img
  • April, 08, 2022
  • by Admin

मां कूष्मांडा मंत्र

M:-    जय माता दी माँ दुर्गा जी की चौथी शक्ति का नाम कुष्माण्डा है नवरात्र 
    उपासना में चौथे दिन माँ कुष्माण्डा की पूजा अर्चना की जाती है आइये बड़े 
    भाव से माँ देवी कुष्माण्डा मंत्र का गायन करते है -

M:-    ॐ सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥

कोरस :-     सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥

M:-    सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥

कोरस :-     सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥

M:-    सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥

कोरस :-     सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥
M:-    सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥

कोरस :-     सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥
M:-    सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥

कोरस :-     सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥

side_img

दासी हु तेरी श्यामा

कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।

Read More

Get update sign up now !