M:- कवना धुन में कावर लिए जाए रे
कवना धुन में कावर लिए जाए रे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
कवना धुन में कावर लिए जाए रे
कवना धुन में कावर लिए जाए रे
छलके जलवा -२,कावर लचक जाए रे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
1
M:- देवघर नगरीय उ चल के जाहि
देवघर नगरीय हो देवघर नगरीय हो देवघर नगरीय
देवघर नगरीय उह चल के जाहि
भोलेदानी के जलवा चढ ही
काहे कष्ट उ -२, इतना उठाये हे
काहे कष्ट उ इतना उठाये हे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
कवना धुन में कावर लिए जाए रे
कवना धुन में कावर लिए जाए रे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
2
M:- लम्बी डगरिया हो होटल पर रहिया
लम्बी डगरिया हो लम्बी डगरिया हो लम्बी डगरिया
लम्बी डगरिया हो होटल पर रहिया
अभी ता आबे हे सुइया पहाड़िया
चुये माथे -२,पसीनावा सताये हे
चुये माथे पसीनाव सताये हे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
3
M:- सावन माहे हो बदरा बरसे
सावन माहे हो सावन माहे हो सावन माहे
सावन माहे हो बदरा बरसे
भोले के दर्शन के जियरा तरसे
काहे जोगिया -२, भेष उ बनाये रे
काहे जोगिया भेष उ बनाये रे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
4
M:- बसाह बैल पर करे सवारी
बसाह बैल पर बसाह बैल पर बसाह बैल पर
बसाह बैल पर करे सवारी
नीलकंठ के वा लीला हां न्यारी
काहे बंधू पर निसबनधु पर कृपा बरसाए रे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
कवना धुन में कावर लिए जाए रे
कवना धुन में कावर लिए जाए रे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
छलके जलवा कावर लचक जाए रे
कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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