F:- श्याम साँवरिया ,गए जो द्वारिका
लीनी, न सुध कोई भेजी रे खबरिया,
तेरी , राधा बावरिया भयी राधा बावरिया
कोरस:- श्याम साँवरिया ....
F:- सूना पड़ा पनघट गाँव रे
सूनी पड़ी कदम्ब की छाँव रे
कोरस:- सूना पड़ा पनघट गाँव रे
सूनी पड़ी कदम्ब की छाँव रे
F:- बिना तेरे मोहन मझधार में
खाए हिचकोले मन की नाव रे
सूझे न कोई मोहे अब डगरिया
लीनी, न सुध कोई भेजी रे खबरिया, भयी
राधा बावरिया तेरी राधा बावरिया
कोरस :- श्याम साँवरिया ....
F:- आके निर्मोही कभी पूछ ले
कैसाहै किशोरी तेरा हाल रे
कोरस - आके निर्मोही कभी पूछ ले
कैसा है किशोरी कैसा तेरा हाल रे
F:- तके तेरी राह ग्वाल बाल रे
रहे प्यासा सावन इस साल रे
रूठी चली जाए बरसे बिन बदरिया
लीनी, न सुध कोई भेजी रे खबरिया, भयी
राधा बावरिया तेरी राधा बावरिया
F:- निधिवन की फीकी पड़ी शान रे
गूंजे न अब बंसुरी की तान रे
कोरस- निधिवन की फीकी पड़ी शान रे
गूंजे न अब बंसुरी की तान रे
F- कहे रोते असुवन की धार रे
हुआ तन मन निष्प्राण रे
आजा लौट आ बिरज नगरिया
लीनी, न सुध कोई भेजी रे खबरिया, भयी
राधा बावरिया तेरी राधा बावरिया
कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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