ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय,
कैलाशपति शिव शंकर,
भोले बाबा डमरू बजाए,
तीनो लोक गुंझे ध्वनि,
सब एक राग हो जाये....
ॐ नमः शिवाय
सर पे माता गंगा बैठी,
वो नाथ के नाथ कहाये,
बैठे है महाकाल प्रभु,
समशान की राख लगाए....
ॐ नमः शिवाय
कण कण में वो,
हर क्षण में है,
मुठी में वो,
ओर मण में है,
वो भोला है भंडारी भी,
ईश्वर भी वही पुजारी भी,
है राम भी वो रावण भी वो,
मानव भी वो दानव भी वो,
मन्त्र वेद पुराणों में,
शिव ही शिव है बखानो में....
विष भांग धतूरे ओर पते,
जो भी हो शिव स्वीकार करे,
उसे मंदिर महलो का मोह नही,
वो बैठा है मसानों में....
ओम नमः शिवाय
गले मे नाग बिराजे,
सिर पे चन्दा का ताज,
है विश्व नाथ मेरे बाबा,
जिसकी छाया में राज लगे,
कैलाश पे वो तांडव करे,
धरती थर थर थराये,
भूत प्रेत सब देव गण,
एक स्वर में गाये....
ओम नमः शिवाय
कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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