F: - ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया
जो व्रत करे तुम्हारा, जो व्रत करे तुम्हारा
पार करो नइया ओम जय करवा मैया
कोरस:- ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया
जो व्रत करे तुम्हारा, जो व्रत करे तुम्हारा
पार करो नइया ओम जय करवा मैया
F: - सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी
कोरस:- मैया तुम हो रुद्राणी
F:- यश तुम्हारा गावत, यश तुम्हारा गावत
जग के सब प्राणी
कोरस:- ओम जय करवा मैया
F: - कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती
कोरस:- मैया जो नारी व्रत करती
F:- दीर्घायु पति होवे , दीर्घायु पति होवे
दुख सारे हरती
कोरस:- ओम जय करवा मैया
F: - होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे
कोरस :- मैया सुख संपत्ति पावे
F:- गणपति जी बड़े दयालु, गणपति जी बड़े दयालु
विघ्न सभी नाशे
कोरस :- ओम जय करवा मैया
F: - करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे
कोरस :- मैया व्रत कर जो गावे
F:- व्रत हो जाता पूरन, व्रत हो जाता पूरन
सब विधि सुख पावे ओम जय करवा मैया
कोरस:- ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया
जो व्रत करे तुम्हारा, जो व्रत करे तुम्हारा
पार करो नइया ओम जय करवा मैया
कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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